21 Jun 2010

वो और मैं

वो.....
वो जो भी है
मुझे 
माने न माने
चाहे न चाहे 
फिर भी
मैं
अपने अस्तित्व की तलाश में भटकता 
मैं
उसे चाहता हूँ
उसे मानता हूँ
और चाहता रहूँगा !
लेकिन कब तक?
शायद, इस प्रश्न का उत्तर भी मेरे ही पास है
मैं उसे चाहता रहूँगा
यह ज़िन्दगी रहेगी तब तक
यह सांस चलेगी तब तक
अनंत को छूने की चाह रहेगी तब तक
और 
विश्वास मेरा कहता है ये कि
इस धरती के रुकने से पहले
इस अम्बर के झुकने से पहले 
वो.....
वो जो भी है
मुझे मानने लगेगी
मुझे चाहने लगेगी
और फिर
एक अस्तित्व के साथ जिऊँगा 
मैं
हसूंगा, मुस्कुराऊंगा 
सारे गमों को भूल जाऊँगा 
लेकिन 
क्या उसको मिलूंगा ?
क्या उसको पाऊंगा ?
क्या उसको प्यार दे पाऊँगा ?

प्रश्न तो हैं अनंत 
उत्तर है एक !
पर क्या है 
इस बार मैं नहीं जानता 
अफ़सोस !

धुंध

दिसम्बर की इक सर्द सुबह 
घर से बाहर जब मैं निकला
तो खुद को 
घनी धुंध से घिरा पाया |

उस घनी धुंध को देख
एक विचित्र सवाल मेरे मन में आया 
की
सूरज के बढ़ने के साथ घुल जायेगी धुंध
परन्तु 
कब निकलेगा सूरज मन का 
कब मिटेगी अहंकार की धुंध
कब मिटेगी मेरे मन से कनक की ये माया 
क्या कभी सुनूंगा निर्मल मन से 
कृष्ण की अमृत वाणी 
सुना भी अगर कभी कृष्ण को
तो 
क्या कभी करूँगा, सुना था जो मन ने मेरे 
इसके साथ ही सैर का समय हो गया था अंत  |

परन्तु अगली सुबह 
घर से बाहर जब मैं निकला 
तो अपने को
फिर उसी धुंध में घिरा पाया |

वन्दे मातरम् - National Song of India

वन्दे मातरम् 
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्
शस्यशामलां मातरम् । 
शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं 
फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं 
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं
सुखदां वरदां मातरम् ।। १ ।। वन्दे मातरम्




Whenever I sing this song... it send a shiver down the spine... I don't know why.........

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है.
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है.
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है.
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में.
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो.
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्श का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम.
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती


P.S.- Not My poem.... But I find it quite inspiring

Shall I compare thee to a Summer's day? by William Shakespeare

Shall I compare thee to a summer's day? 
Thou art more lovely and more temperate. 
Rough winds do shake the darling buds of May, 
And summer's lease hath all too short a date. 
Sometime too hot the eye of heaven shines, 
And often is his gold complexion dimm'd; 
And every fair from fair sometime declines, 
By chance or nature's changing course untrimm'd; 
But thy eternal summer shall not fade 
Nor lose possession of that fair thou ow'st; 
Nor shall Death brag thou wander'st in his shade, 
When in eternal lines to time thou grow'st: 
So long as men can breathe or eyes can see, 
So long lives this, and this gives life to thee.

Stopping by Woods on a Snowy Evening by Robert Frost

Just love the last stanza......  :-)

Whose woods these are I think I know. 
His house is in the village though; 
He will not see me stopping here 
To watch his woods fill up with snow.  

My little horse must think it queer 
To stop without a farmhouse near 
Between the woods and frozen lake 
The darkest evening of the year.  

He gives his harness bells a shake 
To ask if there is some mistake. 
The only other sound's the sweep 
Of the easy wind and downy flake.  

The woods are lovely, dark, and deep, 
But I have promises to keep, 
And miles to go before I sleep, 
And miles to go before I sleep.

जीवन और मैं

जीवन एक राह है 
जीवन एक नाटक भी है
इस राह में कई राही हैं
इस नाटक मैं कई पात्र हैं
पर
हर पात्र की, हर राही की 
एक नई कहानी है !
उन पात्रों और राहियों में 
एक मैं भी हूँ 

मैं, अपने अस्तित्व को तलाशता मैं
कई राही मिले मुझे , कई पात्रों से मिला मैं 
आज तक भटक रहा हूँ
उस पात्र की तलाश में
जो मुझे अनंत तक पहुंचाएगा
वहां तक मेरा साथ न छोड़ेगा 
तीन तो मेरे को प्रभु की कृपा से मिले हैं 
उनमें से भी एक खो गया है

प्रभु तुम साथ न छोड़ना
तुमसे बस यह बिनती है 
इस तुच्छ  प्राणी की 
तुम हो तो आशा है 
वरना न तो मैं हूँ 
और न ही मेरा अस्तित्व !

MISSING YOU MY LOVE

I am missing you
पर तुमसे अपने दिल का हाल क्या कहूँ
अगर तुमसे phone पर बात करना चाहूँ
तो phone उठाता  है तुम्हारा dangerous बापू 
चलो भाग चलें on a lonely टापू
जहां कोई भी न हो, सिर्फ हों मैं और तू ! 

शादी है बर्बादी

उफ़ ! ये शादी है बर्बादी
बड़े खर्चे ये है करवाती 
इससे बढती है आबादी 
हँसते लोगों को ये रुल्वाती |

उफ़ ! ये शादी है बर्बादी 
उलटे सीधे काम ये करवाती 
बेलन डंडे भी पड़वाती 
पापड  रोटी भी ये बिलवाती |

उफ़ ! ये शादी है बर्बादी !

ज़िन्दगी में


ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं,
जो दिल में धड़कन की तरह समा जाते हैं |
ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं,
जो छण मात्र में ही यादों की सौगात दे जाते हैं |
ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं,
जो हमारे गम में हमें हसाते हैं, हमारी ख़ुशी को दुगना बनाते हैं |
ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं,
जो उनके पीछे एक अटूट रिश्ता छोड़ जाते हैं |
ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं,
जो बंद होठों से सब कुछ बोल जाते हैं |
ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं,
जो हर कदम पर हमारा साथ निभाते हैं |

वो कुछ लोग हर किसी की ज़िन्दगी मैं आते हैं, 
वो कुछ लोग ही सच्चे दोस्त कहलाते हैं |

ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं |