Showing posts with label #sachinsunny. Show all posts
Showing posts with label #sachinsunny. Show all posts

21 Sept 2012

प्यार नें

प्यार नें हमें इतना ग़मगीन कर दिया ऐ निर्दोष,
के अब तो औरों की ख़ुशी में शरीक होने का भी दिल नहीं करता!!

10 May 2012

निराश

ज़िन्दगी से हताश हूँ,
न जाने क्यूँ इतना निराश हूँ,
सब कुछ तो दिया है तूने ऐ खुदा,
खुश क्यूँ नहीं मैं, न जाने क्या है माज़रा |

उठाता हूँ रोज हाथ दुआ में,
झुकाता हूँ शीश तेरे दर में,
इक दुआ तो कबूल कर ऐ खुदा,
खुश क्यूँ नहीं मैं, न जाने क्या है माज़रा ||

8 May 2012

परछाई

मेरी परछाई ही मेरी साथी है
मेरे अस्तित्व की पाती है,
हूँ कहीं भी मैं,
ये हर दम मेरा साथ निभाती है!

7 May 2012

Sleepless Nights

2 AM and I lie awake,
thinking as the time goes by,
yet another wakeful sleepless night.
I dream of ghosts and wakeup screaming,
tears in my eyes
yet another wakeful sleepless night.
I want to go in dreamless slumber,
when will I get that I wonder
yet another wakeful sleepless night.
I have my troubles and my mind a rubble,
and at 2 AM I lie awake,
thinking as the time goes by,
yet another wakeful sleepless night.

7 Mar 2012

Hoist The Colors | IT Style ;-) | By Me ;-)


Yo, ho, haul together,
hoist the resumes high.
Heave ho,
SEs and SSEs,
never shall we die.

The king and his men
showed the process to the pawn
and bound him to his seat.
The industry be ours
and by the powers
where we will we'll hop.

Yo, ho, haul together,
hoist the resumes high.
Heave ho,
SEs and SSEs,
never shall we die.

Some men are praised
so they have stayed
but others sail on the sea
– with the account on Naukri...
and so many MNCs
we lay to the Manager's Green!

The resume has been raised
from it's watery grave...
Do you hear it's sepulchral tone?
We are a call to all,
pay head the squall
and turn your sail toward more! :D

Yo, ho, haul together,
hoist the resumes high.
Heave ho,
SEs and SSEs,
never shall we die.

20 Feb 2012

I want you to laugh today!



I want you to laugh today,
I want you to smile,
We have been together
From quite a while,
So I want you to laugh today
I want you to smile.

I want you to hug yourself,
I want you to cuddle,
Give the mirror a kiss,
O my dear love, O my dear miss....

I want you to laugh today,
I want you to smile,
We have been together
From quite a while,
So I want you to laugh today
I want you to smile.

I want you to close your eyes,
And see your lover meeee,
I want you to hold me so tight,
that it raises my heart-beeaaat.

I want you to laugh today,
I want you to smile,
We have been together
From quite a while,
So I want you to laugh today
I want you to smile.

1 Feb 2012

ये ज़िन्दगी भी अजीब है, है ना?

ये ज़िन्दगी भी अजीब है, है ना?
जब चाहता हूँ अश्रू, तब ये हँसाती  है,
जब-जब चाहता हूँ हँसना, तब-तब ये रुलाती है!

ये ज़िन्दगी भी अजीब है, है ना?
जिनके दीदार को तरसता है ये दिल,
उनके चेहरे का नूर हमेशा छुपाती है,
जिनसे भागना चाहता हूँ कहीं दूर,
उनकी शक्ल सुबह-शाम दिखलाती है!

ये ज़िन्दगी भी अजीब है, है ना?
जिनके जाना चाहता हूँ करीब,
उनसे दूर ले जाती है,
पर इस  जहन्नुम की सारी मुसीबतों को,
मेरी झोली में ले आती है!

ये ज़िन्दगी भी अजीब है, है ना?
इस अकेले से सफ़र में,
कुछ यारों से मिलाती है,
जिसका थामना चाहता हूँ हाथ,
वो भीड़ में गुम हो जाती है!

ये ज़िन्दगी भी अजीब है, है ना?
जब चाहता हूँ अश्रू, तब ये हँसाती है,
जब-जब चाहता हूँ हँसना, तब-तब ये रुलाती है!

23 Jan 2012

गुमसुम सी ज़िन्दगी

गुमसुम है क्यूँ तू इतना,
ज़िन्दगी से इतना क्यूँ है खफा,
माना की बड़े हैं गम तेरे,
पर क्यूँ तू ये भूलता है,
उन गम के संग हम भी हैं तेरे,
इन गमों को तू कर दे मेरे!

रोक मत इस दिल-ए-नादाँ को,
मचलने दे इसे खुल कर ज़रा,
थोडा तू हस ले, थोडा तू मुस्कुरा,
माना की बड़े हैं गम तेरे,
पर क्यूँ तू ये भूलता है,
उन गम के संग हम भी हैं तेरे,
इन गमों को तू कर दे मेरे!

गुमसुम है क्यूँ तू इतना,
ज़िन्दगी से इतना क्यूँ है खफा!

11 Jan 2012

निगाहें


इन्सां तो देता लव्जों को ही तव्वजो,
मिला नहीं इन निगाहों को कोई कद्रदां.
इन निगाहों को कम मत समझ ऐ नादाँ,
बिन लव्जों के सब कुछ करें ये बयाँ!

दोस्ती


इकबाल-ए-प्यार की शुरुआत है दोस्ती,
गुल-ए-गुलज़ार, मौसम-ए-बहार है दोस्ती,
औरों का तो पता नहीं ए वक़्त,
पर इस नादां को ज़िन्दगी से प्यारी है दोस्ती!

इक खुशनसीब का मुकम्मल जहां है दोस्ती,
भरी बरसात का मौसम-खुशनुमा है दोस्ती,
औरों का तो पता नहीं ए वक़्त
पर इस नादाँ के लिए तो जिन्द है जहां है दोस्ती!

23 Mar 2011

हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी!

तन से तो हम सभी हो गए हैं बड़े
पर मन सभी के अभी भी बालपन में हैं पड़े 
कुछ हसीं सपने इस बालमन ने हैं जड़े

चाहता है बालमन मेरा
माँ की गोद में सर रखकर सोना,
छोटी-छोटी बातों पर सिसक सिसक रोना!
पापा के कंधे पर मेले की वोह सैर,
कांटे भरी बेरी से चोरी किये बेर!
भैया के संग-संग, उन संकरी गलियों में क्रिकेट का खेल,
हवा में तैरती पतंगों का वो मेल!
छोटी बहना को आखरी आम के लिए सताना,
आइसक्रीम वाले की ट्रिंग-ट्रिंग सुनकर, वोह मन का ललचाना!

ए मित्र, चाहता है बालमन मेरा,
तुम्हारे शुष्क होंठों पर हंसी लाना!
चाहता है बालमन मेरा, ए प्रिये,
तुमको फिरसे गले लगाना! 

9 Feb 2011

चावल के दाने!!

हवा में उछाले चावल के दानों की तरह,
हम क्यूँ तितर-बितर हो गए,
जाने कहाँ मेरे यार खो गए,
हम तो इतने करीब थे, फिर भी क्यूँ हम तनहा हो गए
जाने कहाँ मेरे यार खो गए!!

9 Sept 2010

Immunity

Hiding my pains, from my loved ones
trying to keep them immune,
I alienated myself so much,that it felt like
they lived on Earth, and I on the faraway moon........

Hiding my pains, from my loved ones
trying to keep them immune,
I alienated myself so much,that it felt like
O..... The end of misery,O.... The End of Life,

Come to me much soon..........Come to me much soon........

Date : - Sep 7 2010 11:35PM

21 Jun 2010

वो और मैं

वो.....
वो जो भी है
मुझे 
माने न माने
चाहे न चाहे 
फिर भी
मैं
अपने अस्तित्व की तलाश में भटकता 
मैं
उसे चाहता हूँ
उसे मानता हूँ
और चाहता रहूँगा !
लेकिन कब तक?
शायद, इस प्रश्न का उत्तर भी मेरे ही पास है
मैं उसे चाहता रहूँगा
यह ज़िन्दगी रहेगी तब तक
यह सांस चलेगी तब तक
अनंत को छूने की चाह रहेगी तब तक
और 
विश्वास मेरा कहता है ये कि
इस धरती के रुकने से पहले
इस अम्बर के झुकने से पहले 
वो.....
वो जो भी है
मुझे मानने लगेगी
मुझे चाहने लगेगी
और फिर
एक अस्तित्व के साथ जिऊँगा 
मैं
हसूंगा, मुस्कुराऊंगा 
सारे गमों को भूल जाऊँगा 
लेकिन 
क्या उसको मिलूंगा ?
क्या उसको पाऊंगा ?
क्या उसको प्यार दे पाऊँगा ?

प्रश्न तो हैं अनंत 
उत्तर है एक !
पर क्या है 
इस बार मैं नहीं जानता 
अफ़सोस !

धुंध

दिसम्बर की इक सर्द सुबह 
घर से बाहर जब मैं निकला
तो खुद को 
घनी धुंध से घिरा पाया |

उस घनी धुंध को देख
एक विचित्र सवाल मेरे मन में आया 
की
सूरज के बढ़ने के साथ घुल जायेगी धुंध
परन्तु 
कब निकलेगा सूरज मन का 
कब मिटेगी अहंकार की धुंध
कब मिटेगी मेरे मन से कनक की ये माया 
क्या कभी सुनूंगा निर्मल मन से 
कृष्ण की अमृत वाणी 
सुना भी अगर कभी कृष्ण को
तो 
क्या कभी करूँगा, सुना था जो मन ने मेरे 
इसके साथ ही सैर का समय हो गया था अंत  |

परन्तु अगली सुबह 
घर से बाहर जब मैं निकला 
तो अपने को
फिर उसी धुंध में घिरा पाया |

जीवन और मैं

जीवन एक राह है 
जीवन एक नाटक भी है
इस राह में कई राही हैं
इस नाटक मैं कई पात्र हैं
पर
हर पात्र की, हर राही की 
एक नई कहानी है !
उन पात्रों और राहियों में 
एक मैं भी हूँ 

मैं, अपने अस्तित्व को तलाशता मैं
कई राही मिले मुझे , कई पात्रों से मिला मैं 
आज तक भटक रहा हूँ
उस पात्र की तलाश में
जो मुझे अनंत तक पहुंचाएगा
वहां तक मेरा साथ न छोड़ेगा 
तीन तो मेरे को प्रभु की कृपा से मिले हैं 
उनमें से भी एक खो गया है

प्रभु तुम साथ न छोड़ना
तुमसे बस यह बिनती है 
इस तुच्छ  प्राणी की 
तुम हो तो आशा है 
वरना न तो मैं हूँ 
और न ही मेरा अस्तित्व !

MISSING YOU MY LOVE

I am missing you
पर तुमसे अपने दिल का हाल क्या कहूँ
अगर तुमसे phone पर बात करना चाहूँ
तो phone उठाता  है तुम्हारा dangerous बापू 
चलो भाग चलें on a lonely टापू
जहां कोई भी न हो, सिर्फ हों मैं और तू ! 

शादी है बर्बादी

उफ़ ! ये शादी है बर्बादी
बड़े खर्चे ये है करवाती 
इससे बढती है आबादी 
हँसते लोगों को ये रुल्वाती |

उफ़ ! ये शादी है बर्बादी 
उलटे सीधे काम ये करवाती 
बेलन डंडे भी पड़वाती 
पापड  रोटी भी ये बिलवाती |

उफ़ ! ये शादी है बर्बादी !

ज़िन्दगी में


ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं,
जो दिल में धड़कन की तरह समा जाते हैं |
ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं,
जो छण मात्र में ही यादों की सौगात दे जाते हैं |
ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं,
जो हमारे गम में हमें हसाते हैं, हमारी ख़ुशी को दुगना बनाते हैं |
ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं,
जो उनके पीछे एक अटूट रिश्ता छोड़ जाते हैं |
ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं,
जो बंद होठों से सब कुछ बोल जाते हैं |
ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं,
जो हर कदम पर हमारा साथ निभाते हैं |

वो कुछ लोग हर किसी की ज़िन्दगी मैं आते हैं, 
वो कुछ लोग ही सच्चे दोस्त कहलाते हैं |

ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं |

18 Jun 2010

I Will Survive!!!

I will not go down without a fight,
I will not go down in the darkness of the night,

I have the right to survive,
So,how hard you try,
I won't go down in the darkness of the night,
Throw all your hurdles you have on my way,
But I will follow what the oldies say,
Where there is a will there is a way,
So,Throw all your hurdles you have on my way
My WILL will help me to cross them all right
& I will ask thee, through all those hurdles to be my guide.

So how hard you try,
I won't go down without a fight,
I won't go down in the darkness of the night.