प्यार नें हमें इतना ग़मगीन कर दिया ऐ निर्दोष,
के अब तो औरों की ख़ुशी में शरीक होने का भी दिल नहीं करता!!
के अब तो औरों की ख़ुशी में शरीक होने का भी दिल नहीं करता!!
A Collection of Poems I have written, some pictures that I have clicked and few articles,poems etc which touched me. :-)
बड़े खर्चे ये है करवाती
हँसते लोगों को ये रुल्वाती |
उलटे सीधे काम ये करवाती
पापड रोटी भी ये बिलवाती |
जो दिल में धड़कन की तरह समा जाते हैं |
ज़िन्दगी में कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं,जो छण मात्र में ही यादों की सौगात दे जाते हैं |
जो हमारे गम में हमें हसाते हैं, हमारी ख़ुशी को दुगना बनाते हैं |
जो उनके पीछे एक अटूट रिश्ता छोड़ जाते हैं |
जो बंद होठों से सब कुछ बोल जाते हैं |
जो हर कदम पर हमारा साथ निभाते हैं |
वो कुछ लोग ही सच्चे दोस्त कहलाते हैं |
ओड़ राखी है मैंने
चला जा रहा हूँ तेजी से
फिर भी हाथ बढाता हूँ
मुझसे बुरे व्यक्ति का अस्तित्व
फिर भी क्या करूँ खुदा ने
भावुक जो बना दिया
गलती की थी मैंने ये कि
दिखावट का ज़माना है
सच दिखावट से हार गया
इसलिए अब चाहता हूँ कि ये
इक अलग अलग सा मैं,
एक गुमनाम बदनाम सा मैं,
फिर क्यूँ दूसरों के पास जाता हूँ,
लेकिन कौन सुनता है मेरी बात,
एक तन्हा तन्हा सा मैं,
और तन्हा हो जाता हूँ |
फिर भी, रब रूठ गया
फिर भी, दोस्ती का तार टूट गया
मेरी आँखों में प्यार की इक चाहत
मेरी आँखों में लक्ष्य मेरा
मेरी आँखों में बसता है एक तारा
वो प्यारा सा नाम तुम्हारा !
इक पल मेंअपना सा लगता मैं पराया हो जाता हूँ |
इक पल मेंनज़दीकियाँ दूरियों में तब्दील हो जाती हैं |
इक पल मेंकोमलता कठोरता में बदल जाती है |
ऐसा इसलिए हैकिसी को दोस्त बनाते बनाते दुश्मन बना बैठता हूँ |
क्यूंकि वोह इक पल मेरी ही किस्मत मैं लिखा है !